Synonyms in Hindi (Paryayvachi Shabd), Meaning, Types, Example (2022)

Paryayvachi Shabd – In this lesson, the Hindi Grammar topic of Paryayvaachi Shabd (समानार्थक शब्द) – synonyms have been discussed. The definition of Paryayvaachi Shabd and a list of synonyms in Hindi has been given for the convenience of students – Samanarthi Shabd.

यहाँ हम कुछ ऐसे शब्दों को जानेंगे जिनके एक जैसे अर्थ होते हैं। कहने का अभिप्राय यह है कि एक शब्द जिसके कई अर्थ हैं और साथ-ही-साथ उसके जो अर्थ हैं, वे भी उन्हीं समान अर्थों को बतलाते हैं जो उस शब्द के बताए गए हैं। ऐसे शब्दों को पर्यायवाची या समानार्थक शब्द कहा जाता है। विस्तार से और आसान तरीके से जानने के लिए पहले पर्यायवाची या समानार्थक शब्द की परिभाषा को जान लेना आवश्यक है।

‘पर्याय’ का अर्थ है- ‘समान’ तथा ‘वाची’ का अर्थ है- ‘बोले जाने वाले’ अर्थात जिन शब्दों का अर्थ एक जैसा होता है, उन्हें ‘पर्यायवाची शब्द’ कहते हैं। इसे हम ऐसे भी कह सकते है- जिन शब्दों के अर्थ में समानता हो, उन्हें ‘पर्यायवाची शब्द’ कहते है।

दूसरे अर्थ में- समान अर्थवाले शब्दों को ‘पर्यायवाची शब्द’ या समानार्थक भी कहते है।
जैसे- सूर्य, दिनकर, दिवाकर, रवि, भास्कर, भानु, दिनेश- इन सभी शब्दों का अर्थ है ‘सूरज’।
इस प्रकार ये सभी शब्द ‘सूरज’ के पर्यायवाची शब्द कहलायेंगे।

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यहाँ आपको लग सकता है कि जो अनेकार्थी शब्द होते हैं वहाँ भी तो एक शब्द के एक से अधिक अर्थ निकलते हैं। और यहाँ समानार्थक या पर्यायवाची शब्दों में भी एक शब्द के एक से अधिक सामान अर्थ बताए जा रहे हैं, तो दोनों में अंतर क्या है?

तो आपको समझना जरुरी है कि जो अनेकार्थी शब्द होते हैं, उनमें जो एक शब्द अनेक अर्थो को बता रहा है वो अर्थ असल में केवल उस एक शब्द का एक रूप कहा जा सकता है परन्तु उसके अन्य अर्थो के साथ उसका कोई सम्बन्ध नहीं होता। जैसे – कर्ण – कर्ण (नाम), कान। यहाँ कर्ण शब्द महाभारत के वीर योद्धा कर्ण और हमारी ज्ञानेन्द्रियों में से एक कान के लिए प्रयोग किया जा सकता है परन्तु महाभारत के वीर योद्धा कर्ण और ज्ञानेन्द्रियों में से एक कान का एक दूसरे की जगह प्रयोग नहीं किया जा सकता।

इसके विपरीत ‘पर्यायवाची शब्द’ या समानार्थक शब्द के सभी अर्थो को एक दूसरे की जगह प्रयोग किया जा सकता है क्योंकि वे अर्थ असल में उस एक शब्द के ही रूप होते हैं। जैसे – अतिथि-मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक, पाहूना।
यहाँ आप अतिथि की जगह उसका कोई भी अर्थ प्रयोग में ला सकते हैं और इन सभी अर्थों को भी एक-दूसरे की जगह पर प्रयुक्त किया जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन सभी अर्थों का अर्थ भी अतिथि ही होता है।
लेकिन यहाँ यह बात ध्यान रखने योग्य है कि माना की एक शब्द के अनेक अर्थ होते है और किसी भी अर्थ को उस शब्द की जगह पर प्रयोग किया जा सकता है परन्तु कहीं कोई शब्द ठीक बैठता है और कहीं कोई। क्योंकि प्रत्येक शब्द का महत्त्व विषय और स्थान के अनुसार होता है।

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क्रमांकशब्दपर्यायवाची शब्द1अग्निआग, ज्वाला, दहन, वैश्वानर, वायुसखा, अनल, पावक, वहनि।2असुरनिशिचर, रजनीचर, दैत्य, तमचर, राक्षस, निशाचर, दानव, रात्रिचर।3अलंकारआभूषण, भूषण, विभूषण, गहना, जेवर।4अहंकारगर्व, अभिमान, घमंड, मान।5अंधकारतम, तिमिर, तमिस्र, अँधेरा, तमस, अंधियारा।6अंगअंश, अवयव, हिस्सा, भाग।7अनादरअपमान, अवज्ञा, अवहेलना, तिरस्कार।8अंकुशनियंत्रण, पाबंदी, रोक, दबाव।9अंतरभिन्नता, असमानता, भेद, फर्क।10अंतरिक्षखगोल, नभमंडल, गगनमंडल, आकाशमंडल।11भाईतात, अनुज, अग्रज, भ्राता, भ्रातृ।12अंबरआकाश, आसमान, गगन, फलक, नभ।13अटलअविचल, अडिग, स्थिर, अचल।14अनमोलअमूल्य, बहुमूल्य, बेशकीमती।15अनाथतीम, लावारिस, बेसहारा, अनाश्रित।16अनुजछोटा भाई, अनुभ्राता, कनिष्ठ।17अभद्रअसभ्य, अविनीत, अकुलीन, अशिष्ट।18आँखलोचन, अक्षि, नैन, नयन, नेत्र, चक्षु, दृष्टि।19आईनादर्पण, आरसी, शीशा।20आक्रोशक्रोध, रोष, कोप, खीझ।21आचार्यशिक्षक, अध्यापक, प्राध्यापक, गुरु।22आरंभश्रीगणेश, शुभारंभ, प्रारंभ, शुरुआत।23इंदुचाँद, चंद्रमा, चंदा, शशि, मयंक, महताब।24ईर्ष्याविद्वेष, जलन, कुढ़न, ढाह।25उपवनबाग़, बगीचा, उद्यान, वाटिका, गुलशन।26उषासुबह, भोर, ब्रह्ममुहूर्त।27ऋषिसाधु, महात्मा, मुनि, योगी, तपस्वी।28एहसानकृपा, अनुग्रह, उपकार।29ओंठओष्ठ, अधर, लब, होठ।30ऐश्वर्यसमृद्धि, विभूति।31औरतस्त्री, जोरू, महिला, नारी, वनिता, घरवाली।32औषधालयचिकित्सालय, दवाखाना, अस्पताल।33कमलसरोज, जलज, अब्ज, पंकज, अरविंद, पद्म, कंज, शतदल, अंबुज, सरसिज, नलिन, तामरस, नीरज।34कपड़ावस्त्र, चीर, वसन, पट, अम्बर, परिधान।35किसानकृषक, भूमिपुत्र, हलधर, खेतिहर, अन्नदाता।36कानकर्ण, श्रुति, श्रुतिपटल, श्रवण।37कमजोरनिर्बल, बलहीन, दुर्बल, मरियल, शक्तिहीन।38कुसुमपुष्प, फूल, प्रसून, पुहुप।39खगपक्षी, द्विज, विहग, नभचर, अण्डज, पखेरू।40गृहघर, सदन, भवन, धाम, निकेतन, निवास, आवास, मंदिर।41गिरिपहाड़, मेरु, शैल, महीधर, धराधर, भूधर।42गोदअंक, क्रोड़, गोदी।43चावलतंदुल, धान, भात।44चूहामूसा, मूषक, मुसटा, उंदुर।45जलमेघपुष्प, अमृत, वारि, नीर, पानी, जीवन, पेय।46जगतसंसार, विश्व, जग, भव, दुनिया, लोक, भुवन।47जमीनधरती, भू, भूमि, पृथ्वी, धरा, वसुंधरा।48जलाशयतालाब, ताल, पोखर, सरोवर।49तरुवरवृक्ष, पेड़, द्रुम, तरु, पादप।50मछलीमीन, मत्स्य, झख, जलजीवन, शफरी।51अंधेरातम, तिमिर, अंधकार।52बादलघन, जलद, जलधर, मेघ, वारिधर, नीरद।53अमृतसुधा, सोम, पीयूष, अमिय, जीवनोदक।54आँखनेत्र, दृग, नयन, लोचन, चक्षु, अक्षि, अंबक, दृष्टि, विलोचन।55आकाशगगन, नभ, आसमान, व्योम, अंबर, धौ, अंतरिक्ष, अनंत।56आनंदमोदी, प्रमोद, हर्ष, आमोद, सुख, प्रसन्नता, आह्लाद, उल्लास।57अतिथिअभ्यागत, आगंतुक, पाहुन, मेहमान।58इच्छाआकांक्षा, चाह, अभिलाषा, कामना, ईप्सा, मनोरथ, स्पृहा, ईहा, वांछा।59ईश्वरप्रभु, परमेश्वर, भगवान, परमात्मा, जगदीश, अन्तर्यामी।60मनुष्यमनुज, नर, मानव, मर्त्य, आदमी।61उन्नतिउत्थान, उत्कर्ष, उन्नयन, विकास, वृद्धि, अभ्युदय।62पेड़वृक्ष, तरु, द्रुम, पादप, विटप, अगम, गाछ ।63गंगासुरसरि, त्रिपथगा, देवनदी, जाह्नवी, भागीरथी।64गणेशलंबोदर, एकदंत, मूषकवाहन, गजवदन, गजानन, विनायक, गणपति, विघ्ननाशक, भवानी नंदन, महाकाय, विघ्नराज, मोदकप्रिय, मोददाता।65घरगृह, निकेतन, भवन, आलय, निवास, गेह, सदन, आगार, आयतन, आवास, निलय, धाम।66घोड़ाअश्व, हय, तुरंग, वाजी, घोटक, सैंधव, तुरंग।67जंगलवन, कानन, बीहड़, विटप, विपिन।68जलवारि, पानी, नीर, सलिल, तोय, उदक, अंबु, जीवन, पय, अमृत, मेघपुष्प।69तालाबसर, सरोवर, तड़ाग, हृद, पुष्कर, जलाशय, पद्माकर।70दु:खपीड़ा, व्यथा, कष्ट, संकट, शोक, क्लेश, वेदना, यातना, यंत्रणा, खेद।71दूधदुग्ध, पय, क्षीर, गोरस।72देवतासुर, अमर, देव, निर्जर, विबुध, त्रिदश, आदित्य, गीर्वाण।73नदीसरिता, तटिनी, तरंगिणी, निर्झरिणी, आपगा, निम्नगा, कूलंकषा।74पक्षीविहंग, विहग, खग, पखेरू, परिंदा, चिड़िया, शकुंत, अंडज, पतंग, द्विज।75पहाड़पर्वत, शैल, नग, भूधर, अंचल, महीधर, गिरि, भूमिधर, तुंग, अद्रि।76पुत्रबेटा, सुत, तनय, आत्मज, जनज, लड़का, तनुज।77पृथ्वीधरा, धरती, वसुधा, भूमि, वसुंधरा, भू, इला, धरा, धरत्री, धरणी।78फूलपुष्प, सुमन, कुसुम, प्रसून।79सिंहशेर, वनराज, शार्दूल, मृगराज, व्याघ्र, पंचमुख, मृगेंद्र, केशरी, केहरी, केशी, महावीर।80सूर्यरवि, दिनकर, सूरज, भास्कर, मार्तंड, मरीची, प्रभाकर, सविता, पतंग, दिवाकर, हंस, आदित्य, भानु, अंशुमाली।81सुंदररुचिर, चारु, रम्य, सुहावना, मनोहर, रमणीक, चित्ताकर्षक, ललित ।82रात्रिशर्वरी, निशा, रात, रैन, रजनी, यामिनी, त्रियामा, विभावरी, क्षणदा ।83हाथीगज, हस्ती, मतंग, गज, गयन्द, कुंजर, द्विप, करी।84स्त्रीललना, नारी, कामिनी, रमणी, महिला, वनिता, कांता।85शरीरदेह, तनु, काया, कलेवर, अंग, गात, तन।86समुद्रसागर, जलधि, सिंधु, रत्नाकर, नीरनिधि, पयोधि, नदीश, नीरधि, वारिधि, अर्णव, उदधि, पयोनिधि, जलधाम, वारीश, पारावार, अब्धि।87शत्रुरिपु, दुश्मन, अमित्र, वैरी, प्रतिपक्षी, अरि, विपक्षी, अराति।88वायुहवा, समीर, वात, मारुत, अनिल, पवमान, प्रभंजन, प्रवात, समीरण, मातरिश्वा, बयार, पवन।89युद्धरण, जंग, लड़ाई, संघर्ष, समर।90सुगंधिसौरभ, सुरभि, महक, खुशबू।91सोनास्वर्ण, कंचन, कनक, हेम, कुंदन, तपनीय, महारजत।92अंधकारतम, तमिस्रा, तिमिर, स्याही, अँधेरा, अंधतमस, तमस, अंधियारा।93उन्नतिविकास, उत्कर्ष, प्रगति, उत्थान, अभ्युदय, वृद्धि।94उपवनबगीचा, बाग, वाटिका, कुसुमाकर, उद्यान।95साँपनाग, विषधर, भुजंग, अहि, उरग, काकोदर, फणीश, सारंग, व्याल, सर्प।96किनारातट, तीर, कगार।97बसंतऋतुराज, मधुमास, माघ।98घमंडदंभ, अंहकार, गर्व, अभिमान, दर्प, मद।99झंडापताका, ध्वजा, ध्वज, केतु, निशान।100तलवारअसि, करवाल, कृपाण, खडग, शायक, चंद्रहास।101अश्वबाजी, घोडा, घोटक, रविपुत्र, हय, तुरंग, सैंधव, दधिका, सर्ता।102दिनअह:, दिवस, वासर, दिवा, वार।103पण्डितसुधी, विद्वान, कोविद, बुध, धीर, मनीषी, प्राज्ञ, विचक्षण।104इंद्रमघवा, देवेन्द्र, विडौज, मरूत्पाल, पाकशासन, शुक्र, अमरेश, पुरन्दर, वज्री, वासव, वृषा, वृत्रहा, देवराज, आखंडल, नाकपति, सहस्त्राक्ष, अमरपति, हरि, पुरूहूत, मेघवाहन, वज्रधर, बलाराति, सुरपति, शचीपति, पाकरिपु, सुनासीर, गोत्रमिद, दिशिराज, शतक्रतु, शचीपति, संकन्दन, वृद्धश्रवा, लेखर्षम, वास्तोस्पति, सुरेश, शतमन्यु ।105पक्षीखग, चिडिया, गगनचर, पखेरू, विहंग, नभचर ।106पार्वतीउमा, ‌‌‌गौरा, कात्यायनी, गौरी, आर्या, काली, हैमवती, कपर्दिनी, ईश्वरी, शिवा, गिरिजा, भवानी, रुद्रागी, शर्वाणी, सर्वमंगला, अपर्णा, दुर्गा, उमा, नूडानी, चण्डिका, आर्या, दाक्षायणी, मेनका, अंबिका, हिमाचलसुता, हिमगिरि-सुता, भवानी, शंकरप्रिया, सती, शैलसुता, शैलनन्दिनी, रुद्राणी, वनदुर्गा, त्रिनेत्र, तपस्विनी, शूलधारिणी ।107प्रेमप्यार मोहब्बत, इश्क, अनुराग, प्रणय, स्नेह, अनुरक्ति।108राक्षसनिशाचर, रजनीचर, दनुज, यातुधान, देवारि, निशिचर, असुर, दैत्य, दानव ।109पानीजल, नीर, सलिल, अंबु, अंभ, उदक, तोय, जीवन, वारि, पय, अमृत, मेघपुष्प, पेय, सारंग, शम्बर, धनरस, आब, सर्वमुख ।110लक्ष्मीहरिप्रिया, श्री, इंदिरा, कमला, पद्मा, रमा ।111विष्णुनारायण, दामोदर, पीताम्बर, चक्रपाणी, जनार्दन, मुकुंद, गोविन्द, कमलाकांत, लक्ष्मीपति, उपेन्द्र ।112सरस्वतीविद्या की देवी, ब्राह्मी, भारती, गो, गिरा, सुष्टु, वागीश, महाश्वेता, भाषा, वाचा, विधात्री, धनदा, धनेश्वरी, श्री, बाक्, इग, ईश्वरी, वर्णमातृका, सन्ध्येश्वरी, वाक्येश्वरी, वाक्, वाणी, शारदा, इला, वोणापाणि, काव्य प्रतिभा, गंभीर विचार, कवित्व–शक्ति, ‌‌‌भारतीय माता, ‌‌‌हिंदू देवी, ‌‌‌वीणा की देवी, ‌‌‌ज्ञान की देवी ।113संसारजग, विश्व, जगत, लोक, दुनिया ।114पुत्रबेटा, आत्मज, वत्स, तनुज, तनय, नंदन, सुत ।115ब्रह्माअज, विधि, विधाता, प्रजापति, निर्माता, धाता, चतुरानन, प्रजाधिप ।116नेत्रचक्षु, दृग, विलोचन, दृष्टि, अक्षि, आँख, लोचन, नयन ।117हाथहस्त, कर, बाहु, पाणि, भुज ।118सेवकअनुचर, आश्रित, दास, नौकर, चाकर, परिचारक, भृत्य, किंकर, मुलाजिम, खादिम, टहलुआ, खिदमतगार,ख़वास, खादिम, मुलाज़िम, गुलाम, किंकर, अर्दली ।119पत्थरपाहन, पाषाण, शिला, शैल, प्रस्तर, उपल, अश्म ।120समुद्रसागर, जलधाम, जलधि, नीरनिधि, उदधि व अब्धि ।121कामदेवमन्मथ, मनोज, काम, मार, कंदर्प, अनंग, मनसिज, रतिनाथ, मीनकेतू, रतिपति, मदन ।122सुगंधमहक, सौरभ, सुरभि, खुशबू।123शक्तिअधिकार, आधिपत्य, स्वत्व, प्रभुत्व, स्वामित्व, हक़, शासन, कब्ज़ा ।124सरितातटिनी, वाहिनी, तरंगिणी, निर्झरिणी, शैलजा, जलमाला, नद, शैवालिनी, प्रवाहिनी, नदी ।125शेरवनराज, सिंह, केसरी, केहरी, पंचमुख, पशुराज, सिंह, मृगराज ।126पुत्रीबेटी, सुता, तनया, आत्मजा, दुहिता, नंदिनी, तनुजा।127गरमीग्रीष्म, ताप, निदाघ, ऊष्मा।128बिजलीचपला, चंचला, दामिनी, सौदामनी, विधुत्, तड़ित, बीजुरी, क्षणप्रभा।129राजानृप, नृपति, भूपति, नरपति, भूप, महीप, महीपति, नरेश, राव, सम्राट्।130सिरशीश, मुंड, माथा।131पतिभर्ता, वल्लभ, स्वामी, आर्यपुत्र।132अनुपमअपूर्व, अनोखा, अद्भुत, अनूठा, अद्वितीय, अतुल।133आमआम्र, चूत, रसाल, अमृतफल, सहकार, अतिसौरभ, च्यूत।134आनंदमोदी, प्रमोद, हर्ष, आमोद, सुख, प्रसन्नता, आह्लाद, उल्लास।135आश्रममठ, विहार, कुटी, स्तर, अखाड़ा, संघ।136किरणमरीचि, मयूख, अंशु, कर, रश्मि, प्रभा, अर्चि, गो।137कुबेरकिन्नरेश, यक्षराज, धनद, धनाधिप, राजराज।138गदहाखर, गर्दभ, धूसर, रासभ, बेशर, चक्रीवान्, वैशाखनंदन।139द्रव्यधन, वित्त, संपदा, विभूति, दौलत, संपत्ति।140मुनियती, अवधूत, संन्यासी, वैरागी, तापस, संत, भिक्षु, महात्मा, साधु, मुक्तपुरुष।141क्षत्रियक्षत्र, क्षत्री, द्विजलिंगी, नाभि, नृप, पार्थिव, बाहुज, मूर्द्धक, मूद्र्धाभिषिक्त, राजन्य, राजा, वर्म, विराज, विराट, वीर, सार्वभौम।142क्षणअदिष्ट, अवसर, उत्सव, काल, घड़ी, छन, छिन, मौका, दण्ड, निमेष, प्रसंग, पल, बेला, मुहूर्त, वक्त, विरियाँ, समय, समय भाग ।143खिड़कीरोशनदान, बारी, दरीचा, वातायन, गवाक्ष, झरोखा।144खेलक्रीड़ा, केलि, तमाशा, करतब।145कलीकलिका, मुकुल, कुडमल, डोंडी, गुंचा, कोरक।146कनककंचन, सुवर्ण, हिरण्य, हेम, हाटक, सोना, स्वर्ण।147कर्णसूर्यपुत्र, राधेय, कौन्तेय, पार्थ, अंगराज, सूतपुत्र।148कृतज्ञऋणी, आभारी, अनुग्रहित, उपकृत ।149कपूरघनसार, हिमवालुका।150कपोतकबूतर, हारीत, पारावत, परेवा, रक्तलोचन।151इर्द-गिर्दमंडलाकार मार्ग में, चक्करदार रास्ते पर, घेरे में, चतुर्दिक, चारों दिशाओं में।152इशारासंकेत, इंगित, लक्ष्य, निर्देश।153इल्जामआरोप, लांछन, दोषारोपण, अभियोग।154उदाहरणमिसाल, नजीर, दृष्टान्त, कथा-प्रसंग, नमूना, दृष्टांत।155उषाकालअरुणोदय, प्रातः, प्रभात।156उत्पत्तिउद्भव, जन्म, जनन, आविर्भाव ।157औषधिदवा, दवाई, भेषज।158एकांतनिर्जन सुनसान शून्य।159इज्जतमान, प्रतिष्ठा, आदर, आबरू।160इजाजतस्वीकृति, मंजूरी, अनुमति।161इठलानाचोंचले करना, नखरे करना, इतराना, ऐंठना, हाव-भाव दिखाना, शान दिखाना, शेखी, मदांध मारना, तड़क-भड़क दिखाना, अकड़ना, मटकाना, चमकाना।162अधर्मपाप, अनाचार, अनीत, अन्याय, अपकर्म, जुल्म।163अंतर्गतशामिल, सम्मिलित, भीतर आया हुआ गुप्त।164इंद्रधनुषसूरधनु, इंद्रायुध, शक्रचाप, सप्तवर्ण।165इंद्राणीपुलोमजा, शची, इन्द्रा, इंद्रवधू, ऐन्द्री।166इत्यादिआदि, प्रभृति, वगरैह।167आयुष्मानचिरंजीवी, दीर्घ, जीवी, शतायु, दीर्घायु।168आदर्शप्रतिमान, मानक, प्रतिरूप, नमूना।169आत्माप्राणी, प्राण, जान, जीवन, चैतन्य, ब्रह्म, क्षेत्रज्ञ, सर्वज्ञ, सर्वव्याप्त, विभु, जीव ।170आयुअवस्था, उम्र, वय, जीवनकाल, वयस्, जिन्दगी ।171अरण्यजंगल, वन, कानन, अटवी, कान्तार, विपिन।172अंतरिक्षखगोल, नभमंडल, गगनमंडल, आकाशमंडल।173अंतर्धानगायब, लुप्त, ओझल, अदृश्य।174अंकुशनियंत्रण, पाबंदी, रोक, अंकुसी, दबाव, गजांकुश, हाथी को नियंत्रित करने की कील, नियंत्रित करने या रोकने का तरीका।175नारदब्रह्मर्षि, ब्रह्म-पुत्र, देवर्षि, ब्रह्मर्ष।176धुनलगन, झुकाव, लगाव, तरंग, लहर, मौज।177ध्येयप्रयोजन, अभिप्राय, लक्ष्य, मकसद, उद्देश्य।178दीपकप्रदीप, दीप, दीया, ज्योति, चिराग।179दुर्दशाबुरी, दशा, खराब, हालत, अवस्था, दुर्गति।180तोताशुक, सुआ, सुग्गा, कोर, सुअरा, दाडिमप्रिय, रक्ततुंड।181तांबारक्तधातु, ताम्र, तामा, ताम्रक।182जहरहलाहल, विष, गरल, कालकूट, गर।183जगतविश्व, दुनिया, जगती, संसार, भव, जग, जहान्, लोक।184छुट्टीअवकाश, फुर्सत, विश्राम, विराम, रुखसत।185छाछगोरस, मठा, दधि स्वेद, मट्ठा।186चोटीश्रृंग, कूट, शिखा, शिखर, शीर्ष, चूड़ा।187गन्नाईक्षु, ऊख, ईख, पौंड़ा।188गीदड़नचक, शिवां, सियार, जंबुक, श्रृंगाल।190गोदपार्श्व, अंक, उत्संग, गोदी, क्रोड।191घड़ाघट, कलश, कुंभ, घटक, कुट।192घासशष्प, शाद, शाद्वल, तृण, दूर्वा, दूब।193चाँदनीचंद्रिका, कौमुदी, हिमकर, अमृतद्रव, उजियारी, ज्योत्स्न्ना, चन्द्रमरीचि, कलानिधि।194चंदनश्रीखण्ड, गंधराज, गंधसार, मंगल्य, हरिगंध, मलय, दिव्यगंध, मलयज, दारूसार।195रामरघुपति, राघव, रघुनंदन, रघुवर, सीतापति।196रावणलंकेश, लंकापति, दशानन दशकण्ठ।197ब्रह्मांडदुनिया, जगत, विश्व, संसार, जगती।198मूंगारक्तमणि, रक्तांग, प्रवाल, विद्रुम ।199यमुनाकालिंदी, तरणि-तनुजा, सूर्यजा, अज रवितनया, जमुना, कृष्णा, रविसुता ।200भयत्रास, भीति, डर, खौफ, आतंक।

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Author: Golda Nolan II

Last Updated: 10/08/2022

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Name: Golda Nolan II

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